

रुड़की स्थित मनकमेश्वरी दुर्गा देवी मंदिर में सप्तम नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ दिन पर माँ कालरात्रि की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।

मुख्य यजमान एस.के. वर्मा ने अपनी पत्नी पूनम वर्मा और सुपुत्रों अभिजीत व अभिषेक के साथ माँ कालरात्रि की विशेष पूजा संपन्न की। आचार्य सत्यम मिश्रा के सानिध्य में माता का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसके बाद उन्हें नवीन वस्त्र और सोलह श्रृंगार अर्पित किए गए।
पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य सत्यम मिश्रा ने बताया कि माँ कालरात्रि भयमुक्ति, दुख निवारण और संयम की प्रतीक हैं। उनकी उपासना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। विशेष रूप से रात्रि में की गई पूजा से सभी संकट दूर होते हैं।
मंदिर ट्रस्टी अनुज कुमार जैन ने जानकारी दी कि आगामी दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर प्रातःकाल भव्य हवन-यज्ञ, कंजका पूजन और विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने नगरवासियों से इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।
संध्याकाल में महिलाओं द्वारा सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और सभी ने भक्तिभाव के साथ माता के दर्शन किए।
