
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता एक जनांदोलन का रूप ले चुकी है

रुद्रप्रयाग: सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता एक जनांदोलन का रूप ले चुकी है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक प्रगति का माध्यम है।
30 लाख सहकारी सदस्य सक्रिय

डॉ. रावत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 30 लाख सहकारी सदस्य सक्रिय हैं और सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में इस संख्या को 50 लाख तक विस्तारित करने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से रोजगार सृजन, पलायन रोकथाम, ग्रामीण आजीविका संवर्धन तथा महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।
सहकारिता मेलों का आयोजन
पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में आयोजित सहकारिता मेलों ने व्यापक जनसहभागिता और आर्थिक जागरूकता को जन्म दिया है। इन मेलों में किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिला समितियों और युवाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

मेले में वितरित किए गए चेक
रुद्रप्रयाग के गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में आयोजित सहकारिता मेला-2025 के पंचम और अंतिम दिवस पर 05 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से 34 कृषकों को ₹39.31 लाख तथा 01 महिला समूह को ₹4 लाख के चेक वितरित किए गए। साथ ही नगरासू, नवासू, बरसूड़ी, फाटा एवं उच्छादुगी एमपैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम प्रदान किए गए।

