
Dehradun : आगामी चारधाम यात्रा को पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में विभागीय अधिकारियों, नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण, संग्रहण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने पिछले वर्षों में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इस वर्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने डिपॉजिट रिफंड स्कीम लागू करने पर जोर दिया, ताकि यात्री प्लास्टिक बोतलें, रैपर आदि वापस जमा कराने के लिए प्रोत्साहित हों और कूड़ा खुले में न फैले।
उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, होटल एसोसिएशन, दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों को स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।
यात्रियों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के लिए क्यूआर कोड, साइन बोर्ड, होर्डिंग्स, टिकटों पर स्वच्छता संदेश, सार्वजनिक उद्घोषणाएं और अन्य दृश्य-श्रव्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। “कूड़ा न फैलाएं, पर्यावरण बचाएं” संदेश को हर यात्री तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर संचालित होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्टार रेटिंग और ग्रीन बैजिंग जैसी प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने फूड सेफ्टी और हाइजीन मानकों का कड़ाई से पालन कराने तथा डंडी-कंडी और घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ने पर विशेष बल दिया।

