रुड़की। देश के इतिहास में 14 अगस्त 1947 का दिन भारत के विभाजन के कारण लाखों लोगों के लिए दर्द और पीड़ा का प्रतीक है। इसी ऐतिहासिक और संवेदनशील विषय पर आज रुड़की में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभाजन विभीषिका के दंश और उससे जुड़े मानवीय पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉक्टर मधु सिंह, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, मेयर अनीता देवी अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, मयंक गुप्ता, राजपाल सिंह तथा पंजाबी समाज के वरिष्ठ सदस्य रत्नाकर शर्मा, सुभाष सरीन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज नायक, अक्षय प्रताप सिंह ने किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न वर्गों से लोग शामिल हुए।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन में स्थायी घाव छोड़ गया। उन्होंने कहा कि उस समय जो माताएं, बहनें, बच्चे और बुजुर्ग अपने घर, खेत-खलिहान और रोज़गार छोड़कर सीमाओं के इस पार आए, उनकी पीड़ा शब्दों में बयान करना असंभव है।
भाजपा जिला अध्यक्ष डॉक्टर मधु सिंह ने कहा कि विभाजन की त्रासदी से प्रभावित लोगों का योगदान देश निर्माण में अमूल्य रहा है। पंजाब, सिंध और पश्चिमी पंजाब से आए शरणार्थियों ने अपने कठिन परिश्रम और संघर्ष से देश की आर्थिक और सामाजिक मजबूती में बड़ा योगदान दिया।
रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि विभाजन की विभीषिका को आज की पीढ़ी को सही ढंग से समझाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में समाज में किसी भी प्रकार का वैमनस्य न पनपे। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल शोक का ही नहीं बल्कि शहीदों और पीड़ितों को स्मरण करने का भी है।
पंजाबी समाज से रत्नाकर शर्मा और सुभाष सरीन ने विभाजन के समय पंजाबियों पर हुए अत्याचारों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे हजारों परिवारों को अपने घरों से बेदखल किया गया, महिलाओं और बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और हजारों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बावजूद इन कठिन परिस्थितियों के, पंजाबियों ने हिम्मत नहीं हारी और नए स्थान पर अपनी मेहनत और साहस से फिर से जीवन का निर्माण किया।
गोष्ठी में राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, मेयर अनीता देवी अग्रवाल, राज्यमंत्री शोभा राम प्रजापति,मयंक गुप्ता, कुंवर प्रणब सिंह चैंपियन, ललित मोहन अग्रवाल सहित वक्ताओं ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद भर नहीं है, बल्कि यह हमें एकता, भाईचारा और साम्प्रदायिक सौहार्द की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
अंत में कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर, और राष्ट्रगान गाकर विभाजन के समय शहीद हुए और पीड़ा सहने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। इस अवसर पर सुशील त्यागी, पवन तोमर,देवी सिंह राणा, संजय ठाकुर, आदेश सैनी , सोनू धीमान , राजपाल सिंह, अरविंद गौतम,सौरभ गुप्ता,सावित्री मंगला, नितिन गोयल, सतीश सैनी ,पंकज नंदा,सुमित अग्रवाल, सागर गोयल, गौरव कौशिक, गुरजिंदर सिंह, अवनीश त्यागी, बीएल अग्रवाल, मनोज नायक, मनोज मेहरा, योगी रोड, बृज मोहन सैनी, योगेंद्र सिंह,रश्मि चौधरी,योगेश मित्तल, धीर सिंह,एडवोकेट नवीन जैन, रोमा सैनीl, प्रतिभा चौहान,ममता चहल, ममता राणा , अभिषेक मित्तल, अभिनव प्रताप, विक्रम गर्ग, आदित्य रोड, चंद्रप्रकाश बता, अजीत सिंह सहित उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने संकल्प लिया कि इस दिन की स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि इतिहास से मिले सबक को कभी भुलाया न जा सके