तेज प्रताप सैनी ने की सैनी समाज से अपील

सैनी समाज से खुली अपील – अब चुप रहने का समय नहीं है!

जिंदा हो तो जिंदा दिखना भी जरूरी है!

सैनी आश्रम प्रकरण में जिस तरह हरिद्वार ग्रामीण के पूर्व कैबिनेट मंत्री द्वारा लगातार अधिकारियों पर दबाव बनाने और फैसले को प्रभावित करने की कोशिश किए जाने की बातें सामने आ रही हैं, वह बेहद चिंताजनक है।

मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री की सैनी आश्रम में विशेष रुचि है। यदि उनकी वास्तव में इस आश्रम में इतनी ही रुचि है और अधिकारियों पर दबाव बनाकर निर्णय नहीं होने दिया जा रहा है, तो मैं व्यंग्यात्मक रूप से कहना चाहता हूं कि सैनी समाज यह आश्रम भी उन्हीं को सौंप दे, क्योंकि उनका अपना आश्रम भी इसी के नजदीक है। आखिर समाज की इस धरोहर पर इतनी दिलचस्पी क्यों?

समाज के लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं समाज में फूट डालकर, प्रशासक बैठाकर और संघर्ष समिति को कमजोर करके आश्रम पर नियंत्रण करने की कोई कोशिश तो नहीं की जा रही?

मैं तेज प्रताप सैनी स्पष्ट कहना चाहता हूं कि मेरे ऊपर चार-चार मुकदमे दर्ज करवाकर मेरी आवाज दबाने की कोशिश की गई। संघर्ष समिति के साथियों पर भी मुकदमे दर्ज करवाकर डराने का प्रयास किया गया। लेकिन मैं न कभी जेल से डरा हूं, न मुकदमों से डरा हूं और न ही अन्याय के सामने कभी झुका हूं।

मैं सैनी समाज के प्रत्येक भाई से अपील करता हूं कि अब एकजुट होकर अपनी सामाजिक धरोहर की रक्षा के लिए आगे आएं।

यदि सैनी आश्रम के मामले में अधिकारियों पर दबाव बनाने और समाज के अधिकारों की अनदेखी करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो हमारा आंदोलन और भी तेज होगा। जरूरत पड़ी तो इस पूरी व्यवस्था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से खुला मोर्चा खोला जाएगा।

अब बहुत हो चुका! सैनी आश्रम समाज की धरोहर है, किसी की निजी जागीर नहीं।

आने वाले चुनाव में भी समाज अपने अधिकारों और सम्मान के सवाल पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

ना जेल से डरता हूं, ना मुकदमों से डरता हूं, ना दबूंगा, ना झुकूंगा और ना बिकूंगा!

आपका अपना साथी,

तेज प्रताप सैनी

बहुजन सेवक

सैनी समाज एकता जिंदाबाद!

समाज का सम्मान – हमारा स्वाभिमान!