सालाना मरम्मतीकरण के चलते सात नवंबर की मध्यरात्रि तक बंद रहेगी गंगनहर, श्रद्धालुओं और व्यापारियों पर पड़ सकता है असर
हरिद्वार। ऊपरी गंगनहर के सालाना मरम्मतीकरण के चलते मंगलवार की मध्यरात्रि से गंगनहर बंद कर दी गई। इसके कारण हरकी पैड़ी पर गंगा जल की उपलब्धता प्रभावित हो गई है। अब करीब 18 दिन बाद, सात नवंबर की मध्यरात्रि को गंगनहर दोबारा चालू किए जाने की योजना है। इस दौरान हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करना सिंचाई विभाग के सामने चुनौती होगी।
हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही से स्थानीय व्यापारियों का कारोबार भी चलता है। ऐसे में गंगनहर बंद होने से हरकी पैड़ी क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटने और इसका असर व्यापार पर पड़ने की आशंका है।
व्यापारी त्योहारों के सीजन में गंगनहर बंद किए जाने का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इस अवधि में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके बावजूद मरम्मतीकरण के लिए गंगनहर बंद किए जाने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
गंगनहर बंद होने का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश तक जाने वाली इस नहर के माध्यम से सिंचाई करने वाले किसानों को बंदी की अवधि में पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि गंगनहर बंदी के दौरान हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक कार्य किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पानी मिल सके।
