

रुड़की। शहर में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने में अग्निशमन विभाग को संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के पास पानी की निकासी के लिए विशेष डी-वॉटरिंग पंप उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अग्निशमन कर्मियों को फायर फाइटर पंपों के सहारे ही जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालना पड़ रहा है।
पूर्व में जलभराव की निकासी के दौरान उपयोग किए गए पंपों के फिल्टर में खराबी आने के कारण वे बंद हो गए थे, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ था। सीमित संसाधनों के कारण विभाग को हर वर्ष बारिश के मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बारिश के दौरान रामनगर, बंदा रोड, भारत नगर, इस्लाम नगर, माहिग्रान, कृष्णा नगर, सलेमपुर, गणेशपुर, पश्चिमी अंबर तालाबा, राजपूताना, राजेंद्र नगर, शास्त्री नगर तथा पनियाला रोड क्षेत्र की कई कॉलोनियों और गलियों में पानी भर जाता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निवासियों को राहत एवं रेस्क्यू कार्यों के लिए अग्निशमन विभाग की सहायता लेनी पड़ती है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर नारायण ने बताया कि कुंभ निधि के अंतर्गत जलभराव की निकासी के लिए 10 डी-वॉटरिंग पंपों की मांग भेजी गई है। आवश्यकता के अनुसार इनमें से कुछ पंप रुड़की को भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आपदा और जलभराव की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
