दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, एमसीडी को करोड़ों की विशेष आर्थिक मदद

नई दिल्ली। रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली, ने राजधानी को साफ और प्रदूषण-मुक्त बनाने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को करोड़ों रुपये की विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, नगर निगम स्कूलों के उन्नयन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी के समग्र विकास के लिए स्थानीय निकायों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इस सहायता में मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ) से भी विशेष प्रावधान शामिल है।

1330 करोड़ से 1000 किमी सड़कें होंगी दुरुस्त

मुख्यमंत्री के अनुसार, 60 फुट से कम चौड़ी सड़कों का रखरखाव एमसीडी के अधीन है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1330 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनसे करीब 1000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

यह पहल धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मॉनसून के बाद अक्टूबर-नवंबर में राजधानी में प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएं 30 सितंबर 2026 तक समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी और निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया गया है।

सफाई व्यवस्था के लिए 2300 करोड़ की दीर्घकालिक योजना

सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2300 करोड़ रुपये की 10 वर्षीय ओपेक्स मॉडल योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी, जो पहले से संचालित मशीनों के साथ मिलकर सड़कों की धूल और कचरे की प्रभावी सफाई करेंगी।

इसके अतिरिक्त, 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर भी लगाए जाएंगे, जिससे सफाई व्यवस्था पर्यावरण-अनुकूल और अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में स्थायी समाधान बताया।

निगम स्कूलों और सामुदायिक भवनों को भी मिलेगा लाभ

शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के उन्नयन के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से स्कूल भवनों की मजबूती, स्वच्छता सुविधाओं में सुधार और कक्षाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

साथ ही, एमसीडी के करीब 298 सामुदायिक भवनों की मरम्मत और उन्नयन के लिए भी 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन भवनों का उपयोग मुख्य रूप से निम्न आय वर्ग के परिवार विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशेष वित्तीय सहयोग केवल बजटीय सहायता नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य में निवेश है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो, प्रदूषण में ठोस कमी आए और नागरिकों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे।