
बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत को गंभीरता से लेते हुए स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें संतुलित डिजिटल उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों को जागरूक करने के लिए भी स्कूलों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।

डीएम सविन बंसल ने कहा कि बच्चों की गेमिंग आदतों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रही है।
इस बीच 4 फरवरी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां एक रिहायशी इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने आत्महत्या कर ली। मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं, जिनकी उम्र 12, 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार तीनों एक कोरियन ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप की लत का शिकार थीं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा था—“मम्मी, पापा, सॉरी।” बताया जा रहा है कि माता-पिता उनकी ऑनलाइन गेमिंग की आदतों को लेकर उन्हें लगातार समझाते और रोकते थे।
गौरतलब है कि ऑनलाइन गेमिंग के कारण आत्महत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी देश के कई हिस्सों से इस तरह की चिंताजनक घटनाएं सामने आती रही हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस घटना को चेतावनी मानते हुए समय रहते बच्चों को डिजिटल लत से बचाने पर जोर दिया है।

