
देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। वसंत विहार थाने में मामले के कथित वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पद्मभूषण पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर पुलिस महानिदेशक को आवेदन दिया गया था, जिसके बाद कार्रवाई हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इस प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी। अब दिल्ली से फैसला होगा। इससे पहले अंकिता के माता-पिता ने सीएम से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की थी। दो दिन पूर्व अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने सीएम आवास पहुंचकर अपनी पीड़ा बयां की। मुख्यमंत्री ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था।
सियासी घमासान के बीच सीबीआई सिफारिश
सितंबर 2022 में वन विभाग के अतिथि गृह में नौकरी के लिए गई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। एसआईटी जांच के बाद अदालत ने तीन आरोपियों—पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता व प्रमोद—को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। लेकिन 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो ने मामला फिर गरमा दिया। ऑडियो में कुछ नेताओं व कथित वीआईपी के नाम उछलने से सियासी भूचाल आ गया। विपक्ष ने सरकार पर ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने जांच का समर्थन किया।
अंकिता के पिता वीरेंद्र ने कहा, “हमारी बेटी को न्याय मिलेगा। सीएम का फैसला सराहनीय है।” डॉ. जोशी ने मुकदमे पर संतोष जताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। सीबीआई जांच से पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश होगा। मामला अब केंद्र के पास है।
