Uttarakhand: लोगों को फाइनेंस पर वाहन लेकर बेचने वाले दंपती गिरफ्तार, लालच देकर फंसाते थे दोनों

देहरादून–(भूमिका मेहरा) फाइनेंस पर वाहन लेकर उन्हें बेचकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक कार और दो मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। दोनों के खिलाफ पहले से ही चार मुकदमे दर्ज हैं। इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी भी पुलिस कर रही है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि श्योमली निवासी विंग नंबर नौ प्रेमनगर ने पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके पति अपराजित की मुलाकात अमन जायसवाल नाम के व्यक्ति से हुई थी। वह ओम साईं ट्रेडर्स के नाम से रेंटल बाइक की खरीद फरोख्त की कंपनी संचालित कर रहा था। अमन ने अपराजित को कंपनी में पार्टनर बनाने का लालच दिया और उनके नाम से स्कूटर और मोबाइल फोन व अन्य सामग्री फाइनेंस करा ली। इसके साथ ही उनसे ढाई लाख रुपये भी हड़प लिए। पुलिस ने मार्च में मुकदमा दर्ज कर आरोपी अमन की तलाश शुरू की। इस बीच पता चला कि अमन जायसवाल अपनी पत्नी संजना सिंह के साथ मिलकर ओम साईं ट्रेडर्स के नाम से रेंटल बाइक खरीद फरोख्त की कंपनी चलाता है। उसने अमन बेनीवाल नाम के व्यक्ति को मैनेजर भी रखा हुआ है। आरोपी अमन ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर लोगों को फाइनेंस पर बाइक व कार खरीदकर अपनी कंपनी में रेंट पर लगवाने का झांसा दिया। उन्हें लालच दिया गया कि इस काम से उन्हें अच्छी खासी आय हो सकती है।इसके बाद वह इन वाहनों को दूसरे लोगों को बेच देता है। आरोपी ने अमन बेनीवाल की आईडी का इस्तेमाल कर भी कई वाहन फाइनेंस कराए हैं। पुलिस ने दोनों को ठाकुरपुर वसंत कुंज लेन नंबर एक से गिरफ्तार कर लिया। अमन जायसवाल मूल रूप से ग्राम बांस गांव, खाकड़ टोला दुधई, थाना विशनपुरा, जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

लोगों से जब्त कर लिए जाते हैं वाहन

फाइनेंस के वाहन यह बताकर बेचे जाते थे कि इन पर कोई नहीं है। इस तरह व्यक्ति जब किश्त नहीं चुकाते थे तो फाइनेंस कंपनी इन वाहनों को कब्जा लेती थी। इस तरह से उसने दोपहिया वाहन, कार, महंगे टैबलेट, स्मार्ट वॉच आदि फाइनेंस कराए थे।