
कोटद्वार।
उत्तराखंड के कोटद्वार में निर्मित यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) आज देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। खास तरह की हल्की और मजबूत लकड़ी से तैयार ये यूएवी भारतीय वायुसेना में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ये न सिर्फ दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनके ठिकानों पर हमला करने की क्षमता भी रखते हैं।

इन यूएवी का निर्माण कोटद्वार स्थित क्रॉसविंड सॉल्यूशन नामक कंपनी द्वारा किया जाता है। कंपनी हर वर्ष 10 से 15 यूएवी भारतीय वायुसेना को आपूर्ति करती है। देहरादून में आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में कंपनी का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बालसा लकड़ी से बनता है यूएवी का ढांचा
यूएवी के निर्माण में मुख्य रूप से बालसा लकड़ी का उपयोग किया जाता है। यह लकड़ी बेहद हल्की और मजबूत होती है। बालसा लकड़ी की आपूर्ति पड़ोसी देश चीन से की जाती है। हर वर्ष एक, दो, तीन और चार मिलीमीटर मोटाई की लगभग पांच हजार सीटें चीन से मंगाई जाती हैं।
क्रॉसविंड सॉल्यूशन के प्रबंध निदेशक और एयरोस्पेस ट्रेनर विनोद कुमार के अनुसार, एक यूएवी में लागत के हिसाब से करीब 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा बालसा लकड़ी का होता है। शेष 70 प्रतिशत हिस्से में इंजन, सर्वो मोटर, ट्रांसमीटर, रिसीवर, बैटरी, ईंधन और हॉर्न लगाए जाते हैं।
ड्रोन रोकने और हमला करने में सक्षम
इन यूएवी में ग्लो ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है, जो मीथेन और कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) से तैयार होता है। वायुसेना में उपयोग किए जाने वाले यूएवी की लंबाई पांच से 15 फीट तक होती है और ये पांच से छह किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम हैं। इनमें मिसाइल और बम लगाकर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही ये यूएवी दुश्मन के ड्रोन को रोकने में भी सक्षम हैं।
बालसा लकड़ी की कीमत
- 1 मिलीमीटर सीट – 195 रुपये
- 2 मिलीमीटर सीट – 240 रुपये
- 3 मिलीमीटर सीट – 300 रुपये
- 4 मिलीमीटर सीट – 400 रुपये
बालसा लकड़ी की विशेषता
बालसा लकड़ी अपनी अत्यधिक हल्केपन और मजबूती के लिए जानी जाती है। इसका व्यापक उपयोग एयरक्राफ्ट और विभिन्न क्राफ्ट निर्माण में किया जाता है। चीन उच्च गुणवत्ता वाली बालसा लकड़ी का प्रमुख आपूर्तिकर्ता माना जाता है।
वायुसेना को दिया जाता है प्रशिक्षण
एयरोस्पेस ट्रेनर विनोद कुमार बताते हैं कि कंपनी द्वारा वायुसेना के अधिकारियों को यूएवी का फ्लाइंग प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसमें टेकऑफ और लैंडिंग के साथ-साथ तकनीकी खराबी आने पर कम समय में उसे ठीक करने की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा यूएवी के सभी पुर्जों की विस्तृत तकनीकी जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा होती है।

