ईरान युद्ध की आंच दून की रसोई तक, गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें

Dehradun : ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की रसोई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। शहर में एलपीजी गैस की किल्लत के चलते गैस एजेंसियों और गोदामों पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है।

बुधवार को देहरादून के कई गैस गोदामों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग मोबाइल के जरिए गैस बुकिंग कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन अधिकतर उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं हो सकी। वहीं जिन उपभोक्ताओं की पहले से बुकिंग थी, वे भी इस असमंजस में एजेंसियों पर पहुंच गए कि उन्हें सिलिंडर मिलेगा या नहीं।

नया गांव स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह आठ बजे से ही उपभोक्ताओं की लाइन लग गई। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक लोगों की भीड़ बनी रही। एजेंसी द्वारा करीब 320 उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित किए गए, लेकिन इसके बाद स्टॉक खत्म हो गया। मजबूरन 60 से अधिक लोगों को बिना गैस लिए ही वापस लौटना पड़ा। शहर की अन्य कई गैस एजेंसियों पर भी इसी तरह के हालात देखने को मिले।

उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस बुकिंग में दिक्कत आ रही है। बुकिंग नंबर पर लगातार कॉल करने के बावजूद कॉल कनेक्ट नहीं हो रही है, जिससे लोग परेशान हैं और एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि जब बुकिंग ही नहीं हो पा रही है तो सिलिंडर मिलने को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी संकट

घरेलू गैस की सीमित आपूर्ति किसी तरह जारी है, लेकिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिले में करीब 19 हजार से अधिक वाणिज्यिक गैस कनेक्शन हैं और हर महीने करीब 40 हजार से अधिक सिलिंडरों की खपत होती है। गैस आपूर्ति बाधित होने से रेहड़ी-पटरी, होटल और ढाबा संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है और कई प्रतिष्ठानों के बंद होने की नौबत आ गई है।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में गैस की निरंतर आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को गैस बुक कर इंतजार करना चाहिए, एजेंसियां घर तक सिलिंडर की डिलीवरी करेंगी। साथ ही गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए टीमें सतर्क हैं और ऐसा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।