आसनों से आगे बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव, बनेगा तन–मन और जीवनशैली के कायाकल्प का मंच…

Rishikesh: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव केवल योग आसनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह तन, मन और जीवनशैली के समग्र कायाकल्प का महाकुंभ बनेगा। मुनि की रेती स्थित जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में मानसिक स्वास्थ्य, सात्विक खान-पान और संतुलित जीवनशैली पर विशेष फोकस किया जाएगा। योग की गहराई के साथ-साथ इस बार आयोजन में स्थानीय संस्कृति और उत्पादों की गूंज भी सुनाई देगी।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन 16 से 22 मार्च तक किया जाएगा। गुरुवार को जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में योग महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा ने बताया कि इस बार योग महोत्सव को और अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए कई नए बदलाव किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान उभरते स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। इसके साथ ही पहाड़ी उत्पादों के स्टॉलों को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को आर्थिक लाभ मिल सके।

योग महोत्सव में स्थानीय योगाचार्यों के साथ-साथ स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे आयोजन का प्रचार-प्रसार व्यापक स्तर पर हो सके और युवाओं में योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़े।

बैठक के दौरान वेद प्रकाश मैठाणी ने सुझाव दिया कि जीएमवीएन को पहाड़ी उत्पादों को अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना चाहिए, ताकि उन्हें देश-विदेश में स्थायी पहचान मिल सके। इस अवसर पर बी चंद्रा, कनिका, दीपक रावत, अमिता मेवाड़ और आरपी ढौंडियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, यह योग महोत्सव न केवल साधना का अवसर होगा, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, स्वास्थ्य परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का भी सशक्त माध्यम बनेगा।