देहरादून। ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उत्तराखंड के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को गिरोह से जुड़े दो प्रमुख आरोपियों नवीन सिंह नेगी और कविता परमार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह का कथित सरगना लविश चौधरी विदेश में बैठकर कई फर्जी ट्रेडिंग और निवेश कंपनियों का संचालन कर रहा था।
एसटीएफ के मुताबिक, लविश चौधरी BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom और TLC Coin जैसी कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए आकर्षित कर रहा था। जांच में इन कंपनियों के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत नहीं होने की बात सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपी नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से पहले QFX कंपनी से जुड़ा था। इसके बाद वह लविश चौधरी की BotBro और BotAlpha कंपनियों के नेटवर्क में शामिल हो गया। धीरे-धीरे वह कंपनी में किंग लेवल तक पहुंच गया। एसटीएफ के अनुसार, BotBro कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने के बावजूद नवीन ने गतिविधियां जारी रखीं। उसने RISENWAYS नाम से नई कंपनी शुरू कर दी और जूम मीटिंग के जरिए लोगों को निवेश के लिए जोड़ने लगा।
वहीं, दूसरी आरोपी कविता परमार (36) देहरादून के बालावाला की निवासी है। वह कंपनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद पर थी। उसकी रोबो आईडी से करीब 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे। पूछताछ में उसने बताया कि उसे हर महीने लगभग एक हजार डॉलर का लाभ मिलता था।
एसटीएफ की पूछताछ में कविता ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी के सेमिनार और अन्य कार्यक्रमों के नाम पर वह करीब 12 से 13 बार मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम जा चुकी है। इन यात्राओं के दौरान हवाई टिकट, ठहरने और खाने-पीने का पूरा खर्च कंपनी की ओर से उठाया जाता था।
जांच में निवेशकों से ठगी के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपियों के अनुसार, लोगों से ली गई रकम के बदले उनके ऑनलाइन खातों में डॉलर के रूप में कुछ आंकड़े दिखाए जाते थे। निवेशकों को लगता था कि उनके खाते में पैसा जमा हो रहा है, जबकि वास्तव में इन आंकड़ों के पीछे कोई वास्तविक धनराशि मौजूद नहीं थी।
दो मोबाइल फोन से जुटाए जाएंगे अहम सबूत
एसटीएफ ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के कब्जे से Vivo और Oppo कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि मोबाइल फोन से बैंक लेनदेन, व्हाट्सएप चैट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कारोबार के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना देहरादून में मुकदमा संख्या 53/2026 दर्ज किया गया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, आईटी एक्ट और बीयूडीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ ने निवेशकों को किया सतर्क
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से अपील की है कि कम समय में पैसा दोगुना करने, असाधारण मुनाफा देने और विदेश यात्राओं का लालच दिखाने वाली निवेश योजनाओं से सावधान रहें। किसी भी कंपनी में रकम लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित नियामक संस्थाओं में पंजीकरण की जांच अवश्य करें।
