बिजली समस्याओं को लेकर किसान मोर्चा का धरना, अधिकारियों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

रुड़की। बिजली विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और किसानों के कथित उत्पीड़न के विरोध में उत्तराखंड किसान मोर्चा ने मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर अभद्रता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत को भी अपने साथ धरने पर बैठाया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की ओर से किसानों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर का विरोध किए जाने के बावजूद विभिन्न कारणों से किसानों के घरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समस्याएं लेकर पहुंचने वाले किसानों और आम लोगों के साथ कुछ अधिकारी अभद्र व्यवहार करते हैं। बकाया बिजली बिल के नाम पर किसानों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई किए जाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद विभाग उन पर कार्रवाई नहीं करता, जबकि किसानों के हजारों रुपये के बकाये पर कनेक्शन काट दिए जाते हैं। उन्होंने अधीक्षण अभियंता से एक दिन निर्धारित कर किसान मोर्चा की पांच सदस्यीय टीम के साथ किसानों की समस्याओं पर वार्ता कराने की मांग की।

पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

किसानों ने अधीक्षण अभियंता को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के नलकूपों की बिजली मुफ्त करने, घरों और नलकूपों के कनेक्शन नहीं काटने, भ्रष्टाचार और अभद्रता के आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि माफ करने की मांग शामिल रही।

अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने किसानों को आश्वासन दिया कि अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। धरने का संचालन दीपक पुंडीर ने किया। इस अवसर पर पवन त्यागी, सुरेंद्र नंबरदार, समीर आलम, आकिल हसन, सरदार जसबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, दुष्यंत, धर्मेंद्र सिंह, मनवर हसन, प्रवीण, आशीष, मोहम्मद इसरार, मोहम्मद आजम और चौधरी राजपाल सिंह मौजूद रहे।