पश्चिमी वृत्त में सस्ती लकड़ी बिक्री मामला: फिर होगी जांच

देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम के पश्चिमी वृत्त में कम कीमत पर लकड़ी बेचने के मामले में अब दोबारा जांच होगी। निगम की प्रबंध निदेशक नीना ग्रेवाल ने पूर्व में हुई जांच को अधूरी मानते हुए पुनः तथ्यपरक जांच के निर्देश जारी किए हैं।

पिछले वर्ष पश्चिमी क्षेत्र में आधार मूल्य से अधिक बोली मिलने के बावजूद लकड़ी कम दरों पर बेचे जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर एमडी ने महाप्रबंधक कुमाऊं को जांच सौंपी थी। लगभग चार माह पूर्व मुख्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में 200 से अधिक लॉट में एक करोड़ रुपये से अधिक राजस्व की कमी का खुलासा हुआ था। साथ ही वन निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए थे।

एमडी ने अपने पत्र में जांच प्रक्रिया की कई खामियों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाना चाहिए था तथा शिकायत की सत्यता जांचने के लिए आवश्यक प्रश्नोत्तर अभिलिखित किए जाने चाहिए थे। जांच अधिकारी वरिष्ठ स्तर का होना चाहिए था और द्वितीय पक्ष को भी सुनकर साक्ष्य संकलित किए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

पत्र में विशेष रूप से लॉट संख्या-941 की नीलामी में कथित अनियमितता का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जांच उसी लॉट पर केंद्रित होनी चाहिए थी। साथ ही उन लॉट्स का संज्ञान भी नहीं लिया गया जिन्हें पुनः नीलामी में रखने से राजस्व में वृद्धि हुई। क्षेत्रीय प्रबंधक एवं प्रभागीय प्रबंधक को दिए गए अधिकारों का भी समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया।

एमडी ने महाप्रबंधक कुमाऊं को निर्देश दिए हैं कि सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और विस्तृत पुनः जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।