ऑनलाइन सुविधा नहीं, फिर भी खाते से 1.54 लाख पार — 78 वर्षीय पेंशनर दर-दर भटकने को मजबूर

पिरान कलियर/रुड़की। साधारण मोबाइल इस्तेमाल करने वाले 78 वर्षीय पेंशनर के बैंक खाते से 12 बार में 1,54,000 रुपये निकल जाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि बुजुर्ग ने न तो डेबिट कार्ड लिया, न यूपीआई और न ही किसी प्रकार की ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा सक्रिय कराई थी। इसके बावजूद रकम 29 नवंबर से 26 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकल गई।

मामला सोहलपुर सिकरोढ़ा निवासी रामसिंह का है, जो पिरान कलियर स्थित एक सरकारी स्कूल से वर्ष 2009 में हेड मास्टर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद से वह पेंशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। उनका बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की कलियर शाखा में है।

रामसिंह का कहना है कि उन्होंने बैंक से किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सुविधा नहीं ली और हमेशा पासबुक के माध्यम से ही धनराशि निकाली। लंबे समय बाद जब उन्होंने पासबुक में एंट्री कराई तो खाते से 1,54,000 रुपये गायब मिले। यह रकम 12 अलग-अलग लेनदेन में निकाली गई थी।

बुजुर्ग का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने मामले में स्पष्ट जवाब देने से पल्ला झाड़ लिया, जबकि पुलिस ने उन्हें साइबर थाने जाने की सलाह दी। 16 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि रकम किस माध्यम से और कहां ट्रांसफर हुई।

न्याय की उम्मीद में रामसिंह ने अब पंजाब नेशनल बैंक के हेड ऑफिस में चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल का कहना है कि जांच अधिकारी से मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बुजुर्ग कभी बैंक तो कभी पुलिस के चक्कर काट रहे हैं और उन्हें अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने का इंतजार है।